✅ घर में उगाएं ताज़ी हरी धनिया बिना किसी केमिकल के – जानें पूरी विधि

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Grow chemical free coriander at home tips and methods –  बाजार में मिलने वाले धनिये में केमिकल फर्टिलाइजर एवं पेस्टिसाइड का इस्‍तेमाल किया जाता है, जो कि स्‍वास्‍थ्‍य के लिये बेहद हानिकारक होता है। जबकि अधिकाशं व्‍यंजनों को स्‍वादिष्‍ट बनाने में ताजे हरी धनियां की बहुत महत्‍वपूर्ण भूमिका होती है। हरी धनिया का उपयोग भारतीय रसोई में स्वाद, सुगंध और पोषण के लिए होता है। यह न केवल भोजन का स्वाद बढ़ाती है, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद है। अब आपको न तो पैसे देकर धनियां पत्‍ते खरीदने की आवश्‍यक्‍ता है और न ही बिन हरी धनियां पत्‍ते की भोजन बनाने की। आइये जानते हैं कि किस प्रकार केमिकल रहित धनियां पत्‍ता गमले में  कैसे उगाया जाता है।

Grow chemical free coriander at home tips and methods

इस तरह से करें शुरूआत -

  • धनियां पत्‍ता उगाने के लिये सबसे पहले अच्‍छी क्‍वालिटी के हाइ‍ब्रिड बीज खरीदें जो कि कृषि बीज भंडार की दुकानों पर आसानी से मिल जाता है। इस बीज से उगाये गये धनियां की खुशबू और स्‍वाद दोनो बहुत अच्‍छे होते हैं। इन बीजों को पहले धूप में अच्‍छे से सूख जाने दें फिर इन बीजों को बीच में से तोड़कर इनके दो टुकड़े कर लें और इन्‍हे रात भर के लिये पानी में भिगोकर रख दें, ताकि उन्‍हे अगले दिन गमले में डाला जा सके।   
  • अब गमले के लिये मिट्टी तैयार करें। गमला कम से कम 4 इंच गहराई वाला लेेेना चाहिये तथा चौडाई 8 से 10 इंच होना चाहिये ।  अब इसमें डालने के  लिये 60% खेत की उपजाऊ मिट्टी लें, 20% गोबर की खाद, 10% रेत और बाकी 10% कोकोपिट मिलायें अगर कोकोपिट न मिले तो चावल की धान की भूसी का उपयोग कर सकते है। मिट्टी तैयार होने के बाद बीजों की मिट्टी के ऊपर बिछा दें और बीजों को मिट्टी की एक पतर बनाकर ढक दें और इसमें हल्‍का सा पानी का छिड़काव सुबह, शाम करते रहें । 4 से 5 दिनों में इन बीजों से धनियां के पत्‍ते निकलना प्रारंभ हो जायेंगे और फिर आप इन्‍हे 20 से 25 दिनों बाद आप इन्‍हें तोड़कर अपनी सब्जियों, दाल, सलाद,चटनी सभी में इस्‍तेमाल कर सकते हैं।
Cilantro in Containers – A Fresh Supply Every Day
🌿 "हर दिन ताजी हरी धनिया – गमले में कैसे उगाएं, सीधा और आसान तरीका"
📌 Source: YouTube – Cilantro in Containers A Fresh Supply Every Day

हरी धनिया के उपयोग: -

  1. स्वाद बढ़ाने के लिए:
    हरी धनिया का उपयोग सूप, दाल, सब्जियों और चटनी में किया जाता है। यह व्यंजनों को ताजगी और सुगंध प्रदान करती है।
  2. पोषण से भरपूर:
    हरी धनिया में विटामिन ए, सी, और के, कैल्शियम और आयरन प्रचुर मात्रा में होते हैं। यह प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद करती है।
  3. पाचन में सहायक:
    धनिया के एंटीऑक्सीडेंट गुण पाचन में सुधार करते हैं और गैस, अपच जैसी समस्याओं से राहत देते हैं।
  4. डिटॉक्सिफिकेशन में मददगार:
    हरी धनिया शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में सहायक है।
Grow chemical free coriander at home tips and methods
Grow chemical free coriander at home tips and methods

हरी धनिया के फायदे : -

  • हरी धनियां की पत्तियों में अनेक पोषक तत्‍व पाये जाते हैं, जैसे कि विटामिन ए, कैल्शियम, आयरन, विटामिन सी, विटामिन बी6, मैग्‍नेशियम, फास्‍फोरस, कॉपर, पोटेशियम इसके अलावा हरी धनियां में मैगजीन, सोडियम, फोलेट, थायमिन, नियासिन, जिंक, सेलेनियम और कार्बोहाइड्रेट भी पाया जाता है जो स्‍वास्‍थ्‍य के लिये बहुत फायदेमंद होते हैं।
  • हरी धनियां के पत्‍तों का सेवन ब्‍लड शुगर को नियंत्रित करने में मदद करता है।

     

  • हरी धनियां का सेवन हार्ट के मरीजों के लिये बहुत फायदेमंद होता है। यह बेड कोलेस्ट्रॉल की समस्‍या को कम कर सकता है। अगर आप अपने दिल को हैल्‍दी रखना चाहते हैं तो प्रतिदिन हरे धनियें का सेवन जरूर करे।

  • कमजोर इम्‍यूनिटी वाले लोगों को अपनी डाइट में हरे धनियों का उपयोग अवश्‍य करना चाहिये।

  • हरी धनियां का सेवन शरीर की सूजन को भी कम कर सकता है क्‍योंकि इसमें एंटीइंफ्लेमेट्री गुण पाये जाते हैं।

  • हरा धनिया किडनी की सफाई में मदद करता है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और डिटॉक्सिफाइंग गुण शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालते हैं। यह मूत्र के माध्यम से गंदगी बाहर निकालने की प्रक्रिया को बढ़ाता है और किडनी को स्वस्थ बनाए रखता है। नियमित रूप से इसका सेवन किडनी की कार्यक्षमता को बेहतर करता है।
  • हरा धनिया वजन घटाने में एक प्राकृतिक और असरदार उपाय है। इसमें कैलोरी कम और फाइबर अधिक होता है, जिससे भूख कंट्रोल में रहती है और ओवरईटिंग से बचा जा सकता है। यह मेटाबॉलिज्म को बढ़ाता है और पाचन तंत्र को दुरुस्त रखता है, जिससे शरीर में चर्बी जमने की संभावना कम होती है। डिटॉक्स गुणों के कारण यह शरीर से टॉक्सिन्स बाहर निकालने में भी मदद करता है।
  • हरा धनिया त्वचा और बालों के लिए एक प्राकृतिक वरदान माना जाता है। इसमें मौजूद विटामिन A, C और एंटीऑक्सीडेंट्स त्वचा को अंदर से पोषण देते हैं और उसे साफ व चमकदार बनाने में मदद करते हैं। हरा धनिया शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालता है, जिससे मुंहासे और दाग-धब्बों की समस्या कम होती है। इसके नियमित सेवन से स्कैल्प को पोषण मिलता है, बालों की जड़ें मजबूत होती हैं और बालों का झड़ना कम होता है। साथ ही, हरा धनिया बालों में प्राकृतिक चमक लाने में भी सहायक होता है।

निष्‍कर्ष

हरी धनिया भोजन को पौष्टिक और स्वादिष्ट बनाने के साथ-साथ शरीर के स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए एक आवश्यक सामग्री है। इसे अपने दैनिक आहार में शामिल करना चाहिए।

Frequently Asked Question

. हरी धनिया में कौन-कौन से पोषक तत्व पाए जाते हैं?

हरी धनिया में विटामिन A, C, K, फोलिक एसिड, पोटैशियम, और आयरन जैसे पोषक तत्व प्रचुर मात्रा में होते हैं, जो इम्यून सिस्टम और संपूर्ण स्वास्थ्य को बढ़ावा देते हैं।

हाँ, हरी धनिया का रोजाना सेवन सुरक्षित और लाभकारी है। यह पाचन सुधारने, डिटॉक्सिफिकेशन और त्वचा के लिए फायदेमंद है।

जी हाँ, हरी धनिया को घर पर गमले या छोटे बगीचे में आसानी से उगाया जा सकता है। इसे नियमित पानी और धूप की आवश्यकता होती है।

घर पर गमले में उगाई जाने वाली धनियां केमिकल रहित होने के कारण इसमें उच्च पोषणयता, एंटीऑक्सिडेंट्स और प्राकृतिक कीट-प्रतिरोध की क्षमता होती है।

हरी धनिया प्राकृतिक कीट-विरोधी गुण रखता है और साथी पौधों (companion planting) के रूप में उपयोगी है। टमाटर, मिर्च, बीन्स, मीठी सलाद जैसी सब्जियों के साथ उगाने से यह कीटों को भगाता है और सहयोगी वातावरण बनता है।

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