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Toggleछत पर औषधीय पौधे लगाने के फायदे
Ghar kee chhat par lagaayen aushadheey paudhe – आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी और बढ़ते प्रदूषण के कारण हम अपने स्वास्थ्य पर अधिक ध्यान देने लगे हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि घर की छत पर औषधीय पौधे लगाकर आप न केवल अपने स्वास्थ्य को बेहतर बना सकते हैं, बल्कि वातावरण को भी शुद्ध रख सकते हैं? छत पर गार्डनिंग करना न केवल एक शौक है, बल्कि यह आपके परिवार के लिए प्राकृतिक औषधि का स्रोत भी बन सकता है। आइये इसके फायदों के बारे में जानते हैं।
1- प्राकृतिक उपचार
औषधीय पौधे शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं और विभिन्न बीमारियों के इलाज में सहायक होते हैं, इसके अलावा ये आय का भी एक जरिया बन जाते हैं। हमारे शरीर को स्वस्थ बनाये रखने में इन औषधीय पौधों का बहुत महत्वपूर्ण स्थान है। वैज्ञानिक शोधों के अनुसार हमारे देश में लगभग 7000 ऐंसे औषधीय पौधे पाये जाते हैं जो कई गंभीर बीमारियों में काम आते हैं। वर्तमान समय में आयुर्वेदाचार्यों द्वारा इनका उपयोग अनेक बीमारियों को दूर करने में किया जाता है। कई पौधों के अदभुत औषधिय गुणों के कारण उनका पूजन भी किया जाता है।
2- शुद्ध वायु:
ये पौधे पर्यावरण को शुद्ध करने में मदद करते हैं और प्रदूषण को कम करते हैं। पौधों की पत्तियां भी सल्फर आई ऑक्साइड और नाइट्रोजन डाई ऑक्साइड जैसे हानिकारक तत्व अपने में समा लेती हैं और वायू को साफ बनाकर हमें शुद्ध वायु प्राप्त करने में मदद करती हैं।
3- कम लागत में स्वास्थ्य लाभ:
बाजार में उपलब्ध दवाओं की तुलना में घर पर उगाए गए औषधीय पौधे सस्ते और सुरक्षित होते हैं। चूंकि लोग घरों में उगाये गये पौधों में किसी भी तरह का रसायन का उपयोग नहीं करते इसलिये वे पूरी तरह से रसायन मुक्त होते हैं साथ् ही इन औषधीय पौधों को लगाने में बहुत अधिक खर्च नहीं होता है ये आसानी से कम खर्च में लगाये जा सकते हैं।
4- हरियाली और सकारात्मकता:
हरियाली तनाव कम करने में मदद करती है और मानसिक शांति प्रदान करती है। प्राकृतिक वातावरण के बीच समय बिताने से हमारा मानसिक स्वास्थ्य और वैचारिक क्षमता तथा भावनायें बेहतर होती है इसके साथ ही हरियाली युक्त वातावरण थकान, चिंंता और अवसाद को भी कम करता है। इसलिये Ghar kee chhat par lagaayen aushadheey paudhe और अपनेे स्वास्थ्य के साथ ही अपनी सकारात्मकता भी बढ़ायें ।
घर की छत पर लगने वाले प्रमुख औषधीय पौधे
1. तुलसी (Holy Basil)
तुलसी को हिंदू धर्म में पवित्र माना जाता है और यह अनेक औषधीय गुणों से भरपूर होती है। तुलसी सर्दी-खांसी, जुकाम और सांस की बीमारियों में फायदेमंद होती है। तुलसी की पत्तियों का सेवन करने से इम्यूनिटी मजबूत होती है। इसका पौधा 24 घंटे जीवन दायिनी ऑक्सीजन छोड़ता है जिसके कारण इसका महत्व कई गुना बढ़ जाता है। तुलसी के पत्तियों में संक्रामक रोगों को रोकने अद्भुत शक्ति होती है। इसकी खुशबू वायू के साथ जितनी दूर तक जाती है वहां का वातावरण और निवासी पवित्र हो जाते हैं।
2. एलोवेरा (Aloe Vera)
- एलोवेरा त्वचा और बालों के लिए बेहद लाभकारी होता है।
- यह पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने में मदद करता है।
- एलोवेरा का जेल घाव भरने और त्वचा की नमी बनाए रखने में सहायक होता है।
3. गिलोय (Giloy)
गिलोय को आयुर्वेद में ‘अमृत’ कहा जाता है। इसकी का उपयोग भी औषधी के रूप में किया जाता है। इसमें प्रचुर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट पाया जाता है। यह बुखार, डेंगू, मलेरिया जैसी बीमारियों में बेहद असरदार होता है। शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए गिलोय का काढ़ा पिया जाता है, इसके साथ ही गिलोय का उपयोग रक्त शर्करा को नियंत्रित करने, आर्थराइटिस में, हाई ब्लडप्रेशर को नियंत्रित करने में, प्लेटलेटस को बढ़ाने में, त्वचा से संबंधित रोगों में तथा बालों को बढ़ाने के लिये इसका उपयोग किया जाता है।
4. अश्वगंधा (Ashwagandha)
अश्वगंधा हजारों साल पुरानी औषधी है तथा यह आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति में प्रयोग किया जाने वाला एक महत्वपूर्ण पौधा है। इसमें एंटी टयूमर एवं एंटी बायोटिक गुण भी पाया जाता है इसके साथ ही यह मानसिक तनाव को कम करने और ऊर्जा स्तर को बढ़ाने में सहायक है। यह हृदय और मांसपेशियों को मजबूत बनाता है। पुरुषों के लिए यह विशेष रूप से फायदेमंद माना जाता है। यह दर्द निवारक गुणों के कारण गठिया, मांसपेशियों के दर्द और अन्य शारीरिक पीड़ाओं में राहत देता है।अश्वगंधा का उपयोग यूनानी चिकित्सा पद्दती में भी होता है।
5. पुदीना (Mint) गमलों में लगायें
गमले में पुदीना लगाना बहुत ही आसान है, इसके लिये सबसे पहले एक 9 इंच का गमला लें और उसकी तली में एक छोटा सा होल कर लें जिससे की गमले का अतिरिक्त पानी बाहर निकल सके। गमलों में पुदीना लगाने के लिये सबसे पहले पुदीना के ऐसे तनों का चयन करना चाहिये जिसमें कि हल्की हल्की जड़ें आ चुकी हों। ऐसे 8 से 10 पुदीना की डगालें लेकर उन्हे एक सप्ताह के लिये कांच के गिलास में डुबोकर इन्हे किसी छायादार स्थान पर रख दें । अब उस 9 इंच के गमले में भरने के लिये उपजाऊ 80%मिटटी और 20% गोबर की मिलाकर भर दें। अंत में जो डगालें आपने पानी में डुबोकर रखी हैं उन्हे गमले में ठीक तरह से 2 इंच की गहराई तक लगायें। 20 से 25 दिनों में आपका पूरा पुदीना पुदीने से भर जायेगा और आपको पुदीने के अनेक स्वास्थ्य लाभ प्राप्त होंगे, जैसे कि
- पुदीना पाचन तंत्र को ठीक रखने में मदद करता है।
- यह ताजगी प्रदान करता है और पेट की गैस की समस्या को दूर करता है।
- गर्मियों में पुदीने का सेवन शरीर को ठंडक पहुंचाने में सहायक होता है।
- पुदीना में मौजूद मैग्नीशियम सिरदर्द और माइग्रेन को दूर करने में मदद करता है।
- पुदीना में मौजूद यूजेनॉल जी मिचलाना और उल्टी को दूर करने में मदद करता है।
6. अदरक (Ginger)
अदरक को छत पर छोटे गमलों में उगाया जा सकता है। यह सर्दी-खांसी और गले की समस्याओं में असरदार होता है। अदरक पाचन को सुधारता है और शरीर को गर्मी प्रदान करता है। यह कैंसर कोशिकाओं को भी नष्ट करने में सक्षम होता है, इसके अलावा अदरक मुधमेह में लाभदायक है, इसके उपयोग से जोड़ों के दर्द और आर्थराइटिस में राहत मिलती है, यह मासिक धर्म की पीड़ा को कम करता है। इस प्रकार अदरक से अनेक प्रकार के स्वास्थ्य लाभ मिलते है।
7. नीम (Neem)
- नीम का उपयोग त्वचा रोगों, डायबिटीज और बालों की समस्याओं में किया जाता है।
- यह प्राकृतिक एंटीबायोटिक के रूप में कार्य करता है।
- नीम के पत्तों को पानी में उबालकर नहाने से त्वचा संक्रमण से बचा जा सकता है।
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छत पर औषधीय पौधे लगाने के लिए टिप्स
- सही मिट्टी का चुनाव करें: पौधों के लिए जैविक खाद युक्त मिट्टी का उपयोग करें। खेत की मिट्टी में गोबर की खाद या वर्मी कंपोस्ट खाद मिलकार उसे उपजाऊ बनायें ताकि पौधों का समुचित विकास हो सके।
- सूरज की रोशनी का ध्यान रखें: अधिकांश औषधीय पौधों को पर्याप्त धूप की आवश्यकता होती है, इसलिये पौधों को उनकी जरूरत के हिसाब से धूप और छांव में रखें।
- पानी की सही मात्रा दें: जरूरत से ज्यादा पानी देने से पौधे खराब हो सकते हैं, इसलिये पौधों पर ओव्हर वॉटरिंग न करें पौधों को पानी तभी दें जब गमले की मिट्टी की नमीं सूख जाये और पौधों की पत्तियां मुर्झाने लगे।
- गमलों का सही चयन करें: बड़े और अच्छे जल निकासी वाले गमलों का प्रयोग करें, ज्यादा बड़े या ज्यादा छोटे गमलों का चयन न करें। किसी भी पौधे के लिये कम से कम 9 इंच के गमले का उपयोग अवश्य करे, बाद में पौधों को और बड़े कंटेनर में प्लांट किया जा सकता है।
- नियमित देखभाल करें: पौधों को समय-समय पर कीटों से बचाने के लिए जैविक उपाय अपनाएं। नियत समय पर पौधों की छंटाई, मिटटी की निराई गुड़ाई करते रहना चाहिये तथा एक निश्चित अंतराल के बाद पौधों को खाद देते रहना चाहिये।
निष्कर्ष
छत पर औषधीय पौधे लगाना न केवल पर्यावरण के लिए फायदेमंद है, बल्कि यह आपके और आपके परिवार की सेहत के लिए भी लाभकारी साबित होता है। ये पौधे प्राकृतिक रूप से कई बीमारियों का इलाज करते हैं और घर में सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखते हैं। तो आज ही अपनी छत पर इन औषधीय पौधों को लगाएं और प्राकृतिक स्वास्थ्य का लाभ उठाएं।
Frequently Asked Question
1- कौन-कौन से औषधीय पौधे छत पर उगाए जा सकते हैं?
तुलसी, एलोवेरा, गिलोय, अश्वगंधा, पुदीना, अदरक और नीम जैसे पौधे आसानी से छत पर उगाए जा सकते हैं।
2. औषधीय पौधों को उगाने के लिए किस प्रकार की मिट्टी उपयुक्त होती है?
जैविक खाद युक्त हल्की और जल निकासी वाली मिट्टी इन पौधों के लिए उपयुक्त होती है।
3. औषधीय पौधों की देखभाल कैसे करें?
सही मात्रा में पानी देना, कीटनाशकों से बचाव करना और नियमित रूप से धूप में रखना जरूरी होता है।